Home » Lifestyle » HISTORY & CULTURE » क्या पांडवों की वजह से विधवा हो गई थी उनकी बहन ‘दुशाला’, जानिए पूरी सच्चाई दुशाला के पति की थी ‘द्रौपदी’ पर गंदी नजर।
HISTORY & CULTURE

क्या पांडवों की वजह से विधवा हो गई थी उनकी बहन ‘दुशाला’, जानिए पूरी सच्चाई दुशाला के पति की थी ‘द्रौपदी’ पर गंदी नजर।

क्या पांडवों की वजह से विधवा हो गई थी उनकी बहन 'दुशाला', जानिए पूरी सच्चाई दुशाला के पति की थी 'द्रौपदी' पर गंदी नजर।
क्या पांडवों की वजह से विधवा हो गई थी उनकी बहन 'दुशाला', जानिए पूरी सच्चाई दुशाला के पति की थी 'द्रौपदी' पर गंदी नजर।

जब भी महाभारत का जिक्र होता है तो हमें इसके मुख्य पात्र जैसे धृतराष्ट्र, पांडु, गांधारी, कुंती, कौरव, पांडव और उनकी पत्नी ‘द्रौपदी’ ही याद आते हैं। आपने इनके बारे में तो कई कहानियां सुनी-पढ़ी होंगी। लेकिन आज हम आपको महाभारत के एक ऐसे पात्र के बारे में बताएंगे जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। जी हाँ! हम बात कर रहे हैं कौरवों की बहन ‘दुशाला’ की। हम ये सुनते आए हैं कि 5 पांडव और 100 कौरव थे। लेकिन 100 कौरवों की इस बहन ‘दुशाला’ का जिक्र कम हुआ है। ऐसे में लोग कौरवों की इस बहन के बारे में जानते भी कम ही हैं। हालांकि पुराणों में उनके बारे में कई कथाएं प्रचलित हैं।
आज हम आपको 100 कौरवों और 5 पांडवों की इकलौती बहन दुशाला से जुड़ी एक कथा सुनाएंगे। इसमें दुशाला की शादी, उनके पति और फिर पति की मृत्यु की बातें सम्मिलित हैं। ज्यादा सोचिए मत। आइए जानते हैं पूरा मामला।
‘दुशाला’
‘दुशाला’, कौरवों-पांडवों की बहन और धृतराष्ट्र और गांधारी की बेटी थी। बचपन से बड़े होने तक वो सभी की चहेती थी। लेकिन असली मुसीबत उसकी शादी के बाद शुरू हुई।
'दुशाला'

जयद्रथ से विवाह
दुशाला का विवाह सिंधु राज्य के राजा जयद्रथ से हुआ था। जयद्रथ को उसकी शूरवीरता के अलावा उसके दोहरे व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता था।
जयद्रथ से विवाह

महिलाओं से बुरा व्यवहार
वे कभी महिलाओं से बहुत अच्छे से व्यवहार करते थे तो कभी इतनी हद पार कर देते थे कि महिलाओं की नजरों में उनकी छवि एक बुरे इंसान की बन जाती। जयद्रथ के इस व्यवहार की वजह से दुशाला भी काफी दुखी रहती थी।
महिलाओं से बुरा व्यवहार

READ  लोग साथ मिलकर करते थे शौच, प्राचीनकाल में हुआ करती थीं कान खड़े कर देने वाली प्रथाएं बिल्ली को मारा तो सजा-ए-मौत।

द्रौपदी का अपहरण
अपने इसी व्यवहार की वजह से जयद्रथ ने उस वक्त सभी हदें पार कर दी। जब उसने पांडवों की पत्नी ‘द्रौपदी’ का अपहरण कर लिया। जयद्रथ की इस हरकत से पांडव बहुत क्रोधित हुए और वो द्रौपदी को बचाने निकल पड़े।
द्रौपदी का अपहरण

जयद्रथ का सिर
जब जयद्रथ क्रोध की अग्नि में जल रहे पांडवों के हाथ लगा तो पांडवों ने मिलकर उसका सिर धड़ से अलग करने का फैसला ले लिया। लेकिन फिर द्रौपदी ने उन्हें रोक दिया।
जयद्रथ का सिर
द्रौपदी ने बचाया दुशाला का सुहाग
द्रौपदी ने अपने पतियों को रोकते हुए कहा कि जयद्रथ उनकी बहन के पति हैं। अगर जयद्रथ की मृत्यु हो जाती है तो उनकी इकलौती बहन विधवा हो जाएगी, इसलिए सजा देने हेतु पांडवों ने जयद्रथ का सिर गंजा करवा दिया।
द्रौपदी ने बचाया दुशाला का सुहाग
शिव की तपस्या
इस घटना के बाद जयद्रथ दुनिया के सामने शर्मसार हो गया और अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए शिव की तपस्या करने लगा। उसकी तपस्या से खुश होकर शिव ने उसे वरदान दिया। बावजूद इसके जयद्रथ मन ही मन प्रतिशोध की भावना से भरा था।

युद्ध के लिए आमंत्रण
जब जयद्रथ की पत्नी दुशाला को इस बात का पता लगा तो वो अपने पति से काफी खुश हुई। कुछ समय ही बीता था कि दुर्योधन ने जयद्रथ को अपनी सेना के साथ युद्ध में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रण भेजा।
युद्ध के लिए आमंत्रण
अभिमन्यु की हत्या
जयद्रथ ने दुर्योधन के आमंत्रण को स्वीकार किया और युद्ध के लिए निकल पड़े। युद्ध के दौरान जयद्रथ ने धोखे से अर्जुन के बेटे अभिमन्यु की हत्या कर दी। सभी को लगा जयद्रथ ने ऐसा जानबूझकर किया है।
अभिमन्यु की हत्या
जयद्रथ की मृत्यु
अपने बेटे की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए अर्जुन ने श्रीकृष्ण की मदद से एक बार में ही जयद्रथ का सिर धड़ से अलग कर दिया।
जयद्रथ की मृत्यु

READ  भीष्म पितामह ने मृत्यु के ठीक पहले स्त्रियों के बारे में बताई थीं ये गुप्त बातें

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

9 + 9 =






Latest News




loading...
WP Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com