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इन 10 त्योहारों के बारे में आप जानते न होंगे जनाब

इन 10 त्योहारों के बारे में आप जानते न होंगे जनाब
इन 10 त्योहारों के बारे में आप जानते न होंगे जनाब

भारत एक देश ही नहीं, संस्कृति है, रिवाज़ है और एक रवायत है. जो सदियों से चली आ रही है. यहां कोस-कोस पर भाषा से लेकर पहनावा, रहन-सहन और जीने के तरीके तक बदल जाते हैं. हमारे समाज में हम खुश होने के बहाने ढूंढ़ते हैं. त्योहार एक ऐसा मौका होता है, जहां पर हम सब मिल कर खुशी मनाते हैं. यहां के त्योहारों की बात ही कुछ निराली है दोस्तों. यहां आज लेखक आपको कुछ ऐसे त्योहारों के बारे में बतायेगा जिनके बारे में आप जानते ही न होंगे.
1. थाईपुसम (कवाड़ी)
तमिल समुदाय के लोग इस त्योहार को मनाते हैं. लोगों में ऐसी मान्यता है कि इस दिन पार्वती मां ने एक राक्षस सूरापद्नम का वध किया था. इसी दिन से लोग ये त्योहार मनाते आ रहे हैं.
थाईपुसम
2. रंगपंचमी
होली के पांच दिन बाद रंगपंचमी मनाई जाती है. महाराष्ट्र के लोग इससे वाकिफ़ होंगे. इस दिन भी रंग लगाया जाता है और मिठाई खाई जाती है.
रंगपंचमी
3. शिगमो
ये त्योहार गोवा में मनाया जाता है. कोंकणी हिंदू लोग इसे बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं. ये त्योहार भी होली का ही एक हिस्सा है.
शिगमो
4. गंगौर
राजस्थान में मनाये जाने वाले इस त्योहार का महत्व सीधे-सीधे राजस्थान की ही संस्कृति से है. इस दिन औरतें पारंपरिक गीत गाती हैं और गौरी मां की पूजा करती हैं.
गंगौर
5. गुड्डी पड़वा
देसी महीना ‘चित्रा’ का पहला दिन गुड्डी पड़वा के रूप में मनाया जाता है. मराठी, कोंकणी और सिंधी लोगों के लिए ये नये साल की तरह होता है. इनका ऐसा मानना है कि इस दिन ब्रम्हा ने इस संसार की रचना की थी. ऐसा ब्रम्ह-पुराण में भी लिखा है.
गुड्डी पड़वा
6. वीशू
ये त्योहार केरल में मनाया जाता है, इस त्योहार के दिन यहां के लोग नये कपड़े पहनते हैं तथा पटाखे बजाते हैं.
वीशू
7. बथुकम्मा
ये तेलंगाना में मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध त्योहार है. दुर्गा नवरात्री के दौरान नौ दिन तक मनाया जाता है. ये यहां की सभ्यता का एक प्रतीक है.
बथुकम्मा
8. गौरी हब्बा
कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में ये त्योहार मनाया जाता है. इस दिन गौरी मां की पूजा की जाती है. लोग अपने घरों को सजाने के साथ-साथ ख़ुद भी सजते-धजते हैं.
गौरी हब्बा
9. पराथामस्तामी
उड़ीसा में कार्तिक पूर्णिमा के आठ दिन बाद ये पर्व मनाया जाता है. इस दिन घर की औरतें अपने घर की सुख शांति के लिए भगवान से दुआ करती हैं. ये त्योहार महालक्ष्मी और शाश्वती देवी को नमन करते हुए मनाया जाता है.
पराथामस्तामी
10.करथीकई दीप्पम
करथीकई की पूर्णिमा के दिन ये त्योहार बड़ी ही खुशी के साथ मनाया जाता है. तमिल में इसे “रोशनी का त्योहार” कहा जाता है. ये तमिलनाडु के हर घर और हर मंदिर में मनाया जाने वाला त्योहार है.
करथीकई दीप्पम

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